political fb status hindi

रोटी खाकर चैन से सोने वालों,
तुम्हारे लिए अनाज उगाने वाला सड़क पर बैठकर रोटी खा रहा है,
जा जाकर अपना काम करले अनजान
क्यूँ बेबजह हमसे टकरा रहा है

मरता है किसान तो मरने दो, कोई सुशांत थोड़ी है,
उजड़ते हैं खेत खलियान तो उजड़ने दो, कोई कंगना का मकान थोड़ी है

जो खानदानी है वो मिजाज में नरमी रखते हैं
तेरा लहजा बता रहा कि तेरी दौलत नई नई है..

सत्ता हम भी पकड़ सकते थे ज़नाब
मगर हमें देश पर नहीं
दिलों पे राज़ करने का शौक़ है

खर्चे भी जगह देखकर कीजियेगा जनाब
क्योकि जहाँ मजलिस होती है
वहां मछुआरों की नहीं चला करती

आँखे तो फोड़ दिए पर होसलें नहीं तोड़ पाओगे
दिल्ली दूर नहीं है बताओ अब कैसे रोक पाओगे
हर गुनाह की सजा तुम यही पाओगे
हम देखते है इस बार कैसे जीत पाओगे
बहाकर लहु किसानों के स्वभाव का
कहाँ से हैदराबाद में आओगे
किस्मत को बदनाम ना करना तुम कहीं
तुम हमें गुमराह न कर पाओगे
तू दीवाना है अपनी कुर्सी का ऐ मोहताज
बताओ इस पर कैसे बैठ पाओगे
चाँद सांसे अटकी हैं तेरे सीने मे
और तू लग रहा है और जीने में
तेरे हिसाब भी बड़ा अजीब है
बनाकर बिल कहाँ को जायेगा
भगोड़े हैं तेरे नाम के इस देश में
उन नामों को कैसे मिटाएगा
तुझे सत्ता की ख़ुशी है तो इसका मान रख
अब तू इसको कैसे बचाएगा
तेरी नसले रोयेगी तुझ पर की तूने क्या किया
भविस्य में तुझे हर नौजवान जान जायेगा
तेरा मतलब है तुझसे की तुझे फायदा हो
बहकर खून तू अपनों का कहाँ जायेगा
ये काम ही तुझे तेरी नज़रों से गिर देगा
तू एक दिन अपनी ही नज़रों में गिर जायेगा
बनाकर ऐसा बिल पास कराता है तू
जिसको सिर्फ पढ़ने से किसान रूठ जायेगा
तेरी उम्र का लिहाज़ अब कोई कैसे रखेगा
जब तुझे मारने का उस का जी चाहेगा
कर दिया है क़त्ल तूने संविधान का
अब फिर क्यों अपना सबको मुँह दिखायेगा
कर चूका है ग़लती तू अब हद से ज्यादा
अब और गोदी मीडिया का नाच नचायेगा
तेरी कुर्सी ने रोक रखी हैं साँसे तेरी
वरना तू मेरे हाथों से मार खायेगा
तेरा नाम जान चूका है हर बच्चा बच्चा
तू अपनी ज़िन्दगी से भी हार जायेगा
रह रहा है आराम से तू अपने घर
बात तो तब होगी जब तू बाहर आएगा

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